Pakistan Cricket: ‘Removing Shaheen from T20 captaincy is a wrong decision’ Former Pakistan captain targets PCB : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के हाल के फैसलों ने पाकिस्तान क्रिकेट में अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। टीम के प्रदर्शन और नेतृत्व में हुए बदलावों के कारण पाकिस्तान क्रिकेट हाल ही में कई विवादों में घिरा हुआ है। खासतौर पर शाहीन शाह अफरीदी को टी20 कप्तानी से हटाए जाने का फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है। 1992 विश्व कप विजेता और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोइन खान ने इस निर्णय को गलत बताया और PCB की आलोचना की। उनका मानना है कि शाहीन को नेतृत्व से हटाना न केवल गलत था, बल्कि इससे उनकी परफॉर्मेंस पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
शाहीन की कप्तानी से हटने की कहानी

शाहीन अफरीदी को टी20 फॉर्मेट में पाकिस्तान का कप्तान बनाने का फैसला बाबर आज़म के बाद लिया गया था। बाबर ने पिछले साल वनडे विश्व कप के खराब प्रदर्शन के बाद तीनों फॉर्मेट से अपनी कप्तानी छोड़ दी थी। इसके बाद PCB ने कुछ बड़े बदलाव किए, जिसमें शाहीन अफरीदी को टी20 कप्तान और शान मसूद को टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया। इस निर्णय को लेकर PCB ने शाहीन पर भरोसा जताया था, लेकिन जब पाकिस्तान न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 4-1 से हार गई, तब अचानक PCB ने शाहीन से कप्तानी छीनकर इसे वापस बाबर आज़म को सौंप दिया। यह फैसला टी20 विश्व कप के ठीक पहले किया गया, जिससे क्रिकेट पंडितों और फैंस में हंगामा मच गया।
मोइन खान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोइन खान ने PCB के इस फैसले की तीखी आलोचना की। मोइन का मानना है कि शाहीन अफरीदी में टीम का नेतृत्व करने की क्षमता है और उन्हें अधिक समय मिलना चाहिए था। उनके अनुसार, शाहीन को एक या दो सीरीज हारने के बाद कप्तानी से हटाना अनुचित था। मोइन ने यह भी कहा कि शाहीन अफरीदी टी20 फॉर्मेट के बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उनके पास कप्तानी की काबिलियत है। उन्हें थोड़ा और वक्त दिया जाता तो वे खुद को साबित कर सकते थे।
मोइन ने अपने बयान में कहा, “शाहीन में टीम को लीड करने की क्षमता है और टीम के बाकी खिलाड़ी भी उन्हें पसंद करते हैं। टी20 में कप्तानी के लिए वह बेहतरीन विकल्प थे। PCB का उन्हें हटाना गलत था। मैंने देखा है कि कप्तानी से हटाए जाने के बाद उनके प्रदर्शन में थोड़ी गिरावट आई है। जब आप किसी खिलाड़ी को आत्मविश्वास नहीं देते, तो अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कैसे की जा सकती है? उन्हें कुछ और समय देना चाहिए था।”
कप्तान बदलने की होड़
हाल के महीनों में पाकिस्तान क्रिकेट में कप्तानी बदलने की काफी बातें हुई हैं। बाबर आज़म को एक बार फिर से टी20 कप्तान बनाया गया, लेकिन मीडिया में यह खबरें भी चल रही हैं कि मोहम्मद रिजवान को व्हाइट बॉल फॉर्मेट का नया कप्तान बनाया जा सकता है। इस पर भी मोइन खान ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि एक ही खिलाड़ी को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी दी जा सकती है, लेकिन यह जरूरी है कि वह खिलाड़ी सभी फॉर्मेट्स में अच्छा प्रदर्शन करे।
मोइन ने कहा, “मोहम्मद रिजवान की क्षमताओं में कोई संदेह नहीं है। अगर उन्हें कप्तानी दी जाती है, तो यह महत्वपूर्ण होगा कि वह टीम को कितने समय तक लीड कर सकते हैं। हमें यह भी देखना होगा कि क्या वह दीर्घकालिक कप्तान हो सकते हैं। इसके साथ ही हमें एक युवा खिलाड़ी को भी कप्तान के रूप में तैयार करना चाहिए। अक्सर हम कप्तान चुनते हैं, लेकिन एक उपयुक्त डिप्टी नहीं बना पाते।”
PCB की लगातार बदलती नीतियां
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व के मुद्दों को लेकर काफी असमंजस देखने को मिला है। कप्तान बदलने के निर्णयों में स्थिरता की कमी नजर आई है। बाबर आज़म, जो पाकिस्तान क्रिकेट के एक मजबूत स्तंभ के रूप में देखे जाते हैं, को कप्तानी से हटाकर फिर से जिम्मेदारी सौंपना और शाहीन को अचानक हटाना PCB की नीति में स्पष्टता की कमी को दर्शाता है। पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व संकट कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह समय विशेष रूप से कठिन है।
PCB ने पिछले एक साल में कई बड़े बदलाव किए, जिनमें अध्यक्ष से लेकर टीम प्रबंधन तक सब कुछ बदल गया। बाबर आज़म के नेतृत्व में पाकिस्तान की टीम को कुछ सफलता मिली थी, लेकिन विश्व कप के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, PCB ने जब शाहीन को टी20 कप्तान बनाया, तो इससे टीम में नई ऊर्जा का संचार हुआ था। हालांकि, जब उन्हें बिना उचित समय दिए कप्तानी से हटा दिया गया, तो यह निर्णय टीम की रणनीति और योजना पर सवाल उठाता है।
भविष्य की तैयारी
मोइन खान ने अपने बयान में एक महत्वपूर्ण बात कही कि पाकिस्तान क्रिकेट को अब भविष्य की ओर देखना चाहिए। उनका मानना है कि हमें एक स्थिर कप्तान के साथ-साथ एक मजबूत डिप्टी की भी जरूरत है, जो भविष्य में टीम का नेतृत्व कर सके। मोहम्मद रिजवान की उम्र को ध्यान में रखते हुए मोइन ने कहा कि यदि उन्हें कप्तान बनाया भी जाता है, तो यह लंबे समय के लिए नहीं हो सकता। हमें एक युवा खिलाड़ी को तैयार करना चाहिए जो लंबे समय तक पाकिस्तान क्रिकेट को संभाल सके।
निष्कर्ष
पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व को लेकर बार-बार बदलाव टीम की स्थिरता और प्रदर्शन पर बुरा असर डाल रहा है। शाहीन अफरीदी को टी20 कप्तानी से हटाने का फैसला न केवल उनके आत्मविश्वास पर चोट कर गया है, बल्कि इससे PCB की नीतियों पर भी सवाल उठते हैं। मोइन खान जैसे पूर्व खिलाड़ियों की राय भी इस बात की पुष्टि करती है कि खिलाड़ियों को सही अवसर और समय दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने नेतृत्व कौशल को बेहतर कर सकें।
अगले कुछ महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि PCB किसे व्हाइट बॉल फॉर्मेट का कप्तान चुनता है और क्या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भविष्य के लिए एक दीर्घकालिक योजना बना पाता है।