इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक ‘सिकंदर’ ने रिलीज़ से पहले ही खूब चर्चा बटोरी थी। दमदार ट्रेलर, सितारों से सजी कास्ट और बड़ी मार्केटिंग ने फिल्म के चारों ओर एक भारी हाइप खड़ा कर दिया था। पहले दिन की अच्छी ओपनिंग ने भी संकेत दिए कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर सकती है। लेकिन, पांचवें दिन आते-आते जो हालात बने हैं, उससे लगता है कि ‘सिकंदर’ का साम्राज्य अब डगमगाने लगा है।
फिल्म की शुरुआत: उम्मीदों की उड़ान
‘सिकंदर’ को लेकर दर्शकों की बेसब्री इसकी ओपनिंग डे पर साफ दिखी। फिल्म ने पहले दिन अच्छी शुरुआत की और लगभग ₹18 करोड़ की कमाई की। दूसरे दिन शनिवार को यह कलेक्शन बढ़कर ₹20.5 करोड़ हो गया और रविवार को फिल्म ने ₹22 करोड़ तक पहुंचकर एक मजबूत वीकेंड कुल जमा किया। पहले तीन दिन का कलेक्शन ₹60.5 करोड़ रहा, जो कि निर्माता-निर्देशकों के लिए एक राहत की बात थी।
सोमवार का असर: मंडराने लगे बादल
हालांकि सोमवार यानी रिलीज़ के चौथे दिन से ही फिल्म की चाल कुछ धीमी पड़ती नजर आई। सोमवार को फिल्म ने केवल ₹7.8 करोड़ का बिजनेस किया, जो कि वीकेंड की तुलना में लगभग 60% की गिरावट थी। फिर भी, यह एक वीकडे के हिसाब से संतोषजनक माना जा सकता था, लेकिन असली झटका आया मंगलवार को।
पांचवां दिन: तगड़ा झटका
मंगलवार को, यानी पांचवें दिन, फिल्म का प्रदर्शन उम्मीद से भी ज्यादा कमजोर रहा। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, ‘सिकंदर’ ने महज़ ₹5.5 करोड़ की कमाई की। इस गिरावट ने न सिर्फ ट्रेड एनालिस्ट्स को चौंकाया, बल्कि निर्माताओं की भी चिंता बढ़ा दी है।
क्या है गिरावट की वजहें?
फिल्म के कलेक्शन में इस गिरावट के पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं:
1. कंटेंट में दम की कमी
ट्रेलर और स्टारकास्ट के चलते फिल्म को शुरुआती बढ़त जरूर मिली, लेकिन असल खेल कंटेंट का होता है। दर्शकों और समीक्षकों का कहना है कि फिल्म की कहानी कमजोर है, स्क्रीनप्ले धीमा है और क्लाइमैक्स काफी खिंचा हुआ लगता है।
2. निगेटिव वर्ड ऑफ माउथ
शुरुआत में जिन दर्शकों ने फिल्म देखी, उनमें से काफी लोग इससे प्रभावित नहीं हुए। सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ ने एक्टिंग और सिनेमेटोग्राफी की तारीफ की, लेकिन ज़्यादातर लोगों ने कहा कि फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती।
3. कड़ी टक्कर से नुकसान
‘सिकंदर’ की रिलीज़ के बाद ही कुछ और बड़ी फिल्में भी थिएटर्स में मौजूद हैं, जिनमें से एक रोमांटिक कॉमेडी और दूसरी एक हॉरर थ्रिलर है, जिन्हें युवा वर्ग का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। मल्टीप्लेक्स ऑडियंस इन फिल्मों की ओर ज्यादा आकर्षित होती दिखी।
4. वीकडे की थकान
भारत में आमतौर पर वीकेंड पर फिल्में अच्छा बिजनेस करती हैं, लेकिन वीकडेज़ में दर्शकों की संख्या गिर जाती है। अगर फिल्म का कंटेंट मजबूत न हो, तो यह गिरावट और भी तेज हो जाती है, जैसा कि ‘सिकंदर’ के मामले में हुआ।
फिल्म का अब तक का कुल कलेक्शन
दिन | अनुमानित कमाई (₹ करोड़ में) |
---|---|
पहला दिन (शुक्रवार) | 18.0 |
दूसरा दिन (शनिवार) | 20.5 |
तीसरा दिन (रविवार) | 22.0 |
चौथा दिन (सोमवार) | 7.8 |
पाँचवाँ दिन (मंगलवार) | 5.5 |
कुल | 73.8 करोड़ |
फिल्म की लागत और रिकवरी की जंग
‘सिकंदर’ का बजट लगभग ₹120 करोड़ बताया जा रहा है जिसमें प्रोडक्शन, प्रमोशन और वितरण लागत शामिल है। अगर फिल्म को हिट की कैटेगरी में आना है, तो इसे कम से कम ₹150 करोड़ का नेट कलेक्शन करना होगा (ओवरसीज और सैटेलाइट राइट्स मिलाकर)। ऐसे में फिलहाल 74 करोड़ तक पहुंचना कोई बुरा आंकड़ा नहीं है, लेकिन जो गिरावट देखी जा रही है, वह चिंता का विषय जरूर है।
अगर यही ट्रेंड चलता रहा, तो फिल्म के लिए 100 करोड़ पार करना भी चुनौती बन सकता है।
क्या बचा सकता है सिकंदर को?
अब सवाल उठता है कि क्या ‘सिकंदर’ खुद को बॉक्स ऑफिस पर संभाल पाएगा? इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है:
- क्या वीकेंड दोबारा फिल्म को बूस्ट देगा?
- क्या माउथ ऑफ माउथ में कोई पॉज़िटिव बदलाव आएगा?
- क्या निर्माता कुछ नए ऑफर्स (जैसे 1+1 टिकट ऑफर) लाकर दर्शकों को फिर से थिएटर तक खींच पाएंगे?
इसके अलावा, अगले शुक्रवार को अगर कोई बड़ी फिल्म रिलीज़ नहीं होती, तो ‘सिकंदर’ को एक और मौका मिल सकता है अपनी पकड़ मजबूत करने का।
फिल्म की ताकत और कमजोरियाँ
ताकत:
- दमदार स्टारकास्ट (लीड ऐक्टर की जबरदस्त फैन फॉलोइंग)
- शानदार एक्शन सीक्वेंस और म्यूजिक
- शुरुआत में मजबूत ओपनिंग
कमजोरियाँ:
- कमजोर स्टोरीलाइन और स्क्रीनप्ले
- धीमा नैरेटिव और क्लाइमैक्स
- औसत निर्देशन और पटकथा
- अन्य फिल्मों से प्रतिस्पर्धा
दर्शकों की राय
फिल्म देखने के बाद कुछ दर्शकों ने कहा:
“फर्स्ट हाफ बढ़िया है लेकिन सेकंड हाफ खिंच जाता है। सिर्फ फाइट सीन से फिल्म नहीं चलती।”
“स्टार पॉवर के दम पर ओपनिंग तो मिल गई लेकिन अब पब्लिक कंटेंट मांगती है।”
“म्यूजिक अच्छा है लेकिन कहानी में कुछ नया नहीं था।”
निष्कर्ष: साम्राज्य डगमगा रहा है, पर उम्मीद बाकी है
‘सिकंदर’ एक ऐसी फिल्म है जिसने बड़े बजट और बड़े वादों के साथ दर्शकों का ध्यान खींचा, लेकिन अब उसका सफर कठिन मोड़ पर आ गया है। शुरुआती सफलता के बाद जो गिरावट देखी जा रही है, वह बताती है कि सिर्फ मार्केटिंग और स्टार पॉवर से ही फिल्में नहीं चलतीं — कंटेंट ही राजा है।
अगर निर्माता और वितरण टीमें सही रणनीति अपनाएं और दर्शकों से फिर से जुड़ने का तरीका खोजें, तो हो सकता है ‘सिकंदर’ एक बार फिर उठ खड़ा हो। वरना, यह भी उन फिल्मों में शामिल हो जाएगी जो बड़ी उम्मीदों के साथ आईं, लेकिन आधे रास्ते में ही अपना ताज खो बैठीं।